हमारा लक्ष्य

"इस प्रकार की शिक्षा प्रणाली का विकास करना है जिसके द्वारा ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण हो सके जो राष्ट्रभक्ति से ओ़त-प्रोत हो, शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित हो तथा जो जीवन की वर्तमान चुनौतियों का सामना सफलता पूर्वक कर सके और उसका जीवन ग्रामीण, वनवासी, गिरिकंदराओ एवं झुग्गी- झोपड़ियों में निवास करने वाले दीन-दु:खी, अभावग्रस्त अपनेबान्धवों का सामाजिक कुरीतियों, शोषण एवं अन्याय से मुक्त कराकर राष्ट्र जीवन को समरस, सुसभ्य एवं सुसंस्कृत बनाने के लिए समर्पित हो"